वीर शिरोमणि राव जैता जी राठौड़

वीर योद्धा राव जैता जी जैता_जी, पंचायण (अखैराजोत) के पुत्र थे। ये बगड़ी के ठाकुर थे।मण्डोर पर राव जोधा का अधिकार होने पर इनके बड़े भाई अखैराज ने तत्काल अपने अँगूठे को तलवार से चीरकर रुधिर से जोधाजी के मस्तक पर राज-तिलक लगा दिया। इस पर जोधाजी ने भी मेवाड़ वालों से छीन कर बगड़ी …

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राठौड़ो में साफ़ा पहनने की परम्परा कैसे शुरू हुई ?

©️डाँ. महेन्द्रसिंह तँवर राठौड़ मरू प्रदेश से नहीं थे इसलिये इनकी वेश भूषा यहाँ के वातावरण के अनुकूल नहीं थी लेकिन यहाँ आने के बाद धीरे धीरे अनेक परम्पराएँ अौर कई रिवाज नए स्थापित हुए जिनके पीछे बहुत सी घटनाए है जो तत्कालीन समय में घटित हुई थी । इन्हि घटनाओं ने नवीन परम्पराओं को …

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■■ 1842 ई. का बुंदेला विद्रोह ■■

■■ 1842 ई. का बुंदेला विद्रोह ■■ _____________________ 1857 ईसवी की क्रांति को भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कहां जाता है परंतु इसके पूर्व घटित हुए 1842 ईसवी के बुंदेला विद्रोह को हमें विस्मृत नहीं करना चाहिए। 1842 ईसवी में संपूर्ण बुंदेलखंड अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंक चुका था। बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ …

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अलवर का नीमूचाना कांड जिसमे 156 राजपूत किसानो को मशीनगन से भून दिया गया और 600 से ऊपर घायल हुए।

  जलियांवाला कांड जिसमें लगभग ढाई सौ लोगो की मौत हुई थी उसके बाद भारत के इतिहास का सबसे बड़ा नरसंहार हुआ था नीमूचाना में। महात्मा गांधी ने इसे जलियांवाला हत्याकांड से भी ज्यादा भयानक बताया था। भारत के इतिहास में किसी भी किसान आंदोलन में इतने लोग नही मरे जितने नीमूचाना में एक दिन …

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इस मंदिर को कभी मुसलमानो ने तोड़कर मस्जिद बना दिया था , जिसे एक हिन्दू योद्धा ने तलवार के जोर पर वापस हासिल किया ..

यह बैकुंठपुर का #गौरीशंकर मंदिर है , इस मंदिर का इतिहास बहुत ही प्राचीन है ।। मान्यता है की भगवान राम ने रावण को मारने के बाद इसी मंदिर मंदिर में शिवलिंग पूजकर महादेव को प्रसन्न किया था । इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां भगवान शिव और पार्वती एक साथ एक …

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क्षत्रियों के मनोबल को तोड़ने का सबसे बड़ा “षडयंत्र”

#ये_लेख_पढ़ते ही आपका दिमाग खुल जायेगा● #पोस्ट लम्बी है,पर पढ़ना बहुत जरूरी है. एक नियम है इस धरती पर , की अगर किसी को हराना है तो उसकी मानसिक स्थिति को हरा दो, इससे बड़े से बड़ा शूरवीर भी हार जाएगा.. एक कूटनीतिज्ञ नियम ये भी है,की जब किसी से बराबरी ना कर सको, तो …

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क्या शिवाजी महाराज भी गुर्जर थे ? जानिए क्या है सच !

एक बेहद हास्यास्पद प्रचार जो गुज्जरों द्वारा किया जाता है वो ये कि हाईकोर्ट ने अपने किसी आदेश में छत्रपति शिवाजी महाराज को गुज्जर जाति का होने का माना है..😂😂 यही नही इस दावे को हकीकत मानकर गूजर भाई छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती भी मनाते हैं!!! आइये करते हैं गुज्जरों के इस दावे की …

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कश्मीर के रक्षक ब्रिगेडियर राजेन्द्र सिंह जामवाल वो व्यक्ति जिसके कारण आज कश्मीर भारत का हिस्सा है।

---उड़ी सेक्टर में लड़ी गई उस जंग के सेनापति जिसे भारत का थर्मोपल्ली(300 फ़िल्म वाला) कहा जाता है जहां लियोनिडास ब्रिगेडियर राजेन्द्र सिंह जामवाल थे जिनके नेतृत्व में 150 डोगरा राजपूत सैनिकों ने 10 हजार पाकिस्तानी कबाइली और सैनिकों को 4 दिन तक रोके रखा।--- 22 अक्टूबर 1947 को महाराज हरिसिंह ने जब मुजफ्फराबाद पर …

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जनरल जोरावर सिंह कहलुरिया (चन्देल )की महान उपलब्धिया जो आज तक भारत देश के काम आ रही हैं….

400 वर्षो तक गिलगिट-बाल्टिस्तान-स्कार्दू का इलाका अफगानिस्तान का हिस्सा बना हुआ था, यहां 4 सदियों से अफगानों का राज था, जोरावर सिंह ने यहां अफगानों को हराकर इसे जम्मू कश्मीर में मिलाया, अगर जनरल ज़ोरावर सिंह जी ये हिस्सा न जीतते तो ये ज़मीन का हिस्सा आज अफ़ग़ानिस्तान का हिस्सा होता!! भले ही आज ये …

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मात्र दो राजपूत योद्धाओं ने हिला दिया था दिल्ली के दरबार को

“हेला मारे खेजड़ी,सुण पंथी सन्देश बिन माथे अरि बाढ़ण,निपजे म्हारो देश “ बात सन 1656 के आस-पास की है, उस वक़्त दिल्ली में राज था शाहजहा का और मारवाड़ की गद्दी पर बैठे थे महाराजा गज सिंह प्रथम, एक दिन दिल्ली में दरबार लगा हुआ था, सभी उमराव बैठे हुए थे, तभी शाहजहा के मन …

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