वो राजपूत आर्मी अफसर नेहरू को चुप न करता तो देश का पहला आर्मी चीफ कोई अंग्रेज होता

क्या आप जानते हैं कि कैसे किसी अंग्रेज के हाथ में भारतीय आर्मी की बागडोर जाते-जाते बची? एक ऐसे सिपाही की कहानी जिसने प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को भरी सभा में चुप कर दिया था. हिंदुस्तान के सिपाही बेहद खास हैं. वो जवान जो अपने देश के लिए मुश्किल से मुश्किल समस्याओं के जूझ रहे …

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ये है राजपूतों का गांव! 44 जवान हो चुके शहीद और 550 जवान अब भी सीमा पर करते हैं देश की रखवाली

राजपूत इस देश से इतनी मोहब्बत करते हैं कि वो न जान देने से गुरेज़ करते हैं, और न लेने से. इतिहास उठा कर देख लीजिए, जब-जब मातृभूमि पर दुश्मनों ने नापाक़ नज़रें उठाई हैं, राजपूतों ने अपनी ताक़त से उसे वहीं रोक दिया. हालांकि, अब समय पूरी तरह से बदल चुका है. अब देश …

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राणा कुम्भा: ऐसे राजपूत शासक जो कभी नहीं हारे, लेकिन…

सूर्योदय का वक्त था.राणा कुम्भा का पुत्र ऊदा सिंह भगवान शिव के मंदिर में अपनी पीठ के पीछे तलवार लिए किसी का इंतजार कर रहा था. इतने में उसने किसी के आने की आहट के सुनी और शिवलिंग के पीछे जाकर छिप गया.https://www.facebook.com/plugins/video.php?href=https%3A%2F%2Fwww.facebook.com%2Fkshatranee%2Fvideos%2F1984557311846223%2F&show_text=0&width=476मंदिर के अंदर जैसे वह शख्स आया ऊदा सिंह ने उसकी गतिविधियों पर …

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मुस्लिम राजपूत योद्धा दुल्ला भट्टी की याद में मनाई जाती है “लोहड़ी”

लोहड़ी का पर्व एक मुस्लिम राजपूत योद्धा दुल्ला भट्टी कि याद में पुरे पंजाब और उत्तर भारत में मनाया जाता है , लोहड़ी की शुरुआत के बारे में मान्यता है कि यह राजपूत शासक दुल्ला भट्टी द्वारा गरीब कन्याओं सुन्दरी और मुंदरी की शादी करवाने के कारण शुरू हुआ है. दरअसल दुल्ला भट्टी पंजाबी आन …

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उत्तर भड़ किवाड़ भाटी (रावल भोजदेव)

।। अद्भुत योद्धा रावल भोजदेव ।। ( रावल विजयराज लांझा के पुत्र व राहड़ जी के बड़े भाई) काक नदी की पतली धारा किनारों से विरक्त सी होकर धीरे धीरे सरक रही थी, आसमान ऊपर चुपचाप पहरा दे रहा था और नीचे लुद्रवा देश की धरती, जिसे उत्तर भड़ किवाड़ भाटी आजकल जैसलमेर कहा जाता …

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किसानों के बड़े हितैषी, शिक्षाविद, समानता के प्रणेता परन्तु इतिहासकारों ने किया इतिहास से गायब

महाराजा हरि सिंह गांधी से बड़े किसान नेता थे : भारत देश की भूमि में अनेकों महानायको ने जन्म लिया है। महान समाजसुधारक, धर्म प्रवर्तक, योद्धा, साधु, संत, सन्यासी, क्रांतिकारी, देशप्रेमी, राष्ट्रवादी तरह के तमाम नायकों ने इस पवित्र भूमि को अपने अपने रक्त और कर्म से सींचा है। बहुत से ऐसे गुमनाम नायक रहें …

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हम्मीर सिंह सिसोदिया: वह राजपूत योद्धा जिसने समूचे राजपुताना के गौरव को पुनर्स्थापित किया

एक महान राजपूत योद्दा था जो बहुत बहादुर भी था और चतुर भी। उसने ना केवल मेवाड़ और उसकी राजधानी चित्तौड़ के सम्मान की रक्षा की, बल्कि वह पहला ऐसा योद्दा था जिसने दिल्ली में शासन करते हुए तुर्की सल्तनत का खात्मा किया। आज के स्वार्थी बुद्धिजीवी, जो स्वंय को भारत के प्रबुद्ध इतिहासकार होने …

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दो-दो बार वीरगति को प्राप्त होने वाले वीर राजपूत योद्धा की रोचक गाथा

✍️उस वीर ने केवल एक ही बार जन्म लिया तथा एक ही भार्या से विवाह किया ,परन्तु अपने वचन का निर्वाह करते हुए वह वीर दो-दो बार लड़ता हुआ वीर-गति को प्राप्त हुआ | ✍️आईये आज परिचित होते है उस बांके वीर बल्लू चंपावत से जिसने एक बार वीर गति प्राप्त करने के बावजूद भी …

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“स्वरूपसिंह जी भाटी” जो एक डाकू होते हुए भी बहुत बड़े देशभक्त भी थे।

डकैत चौर नाम सुनते ही आपके मन मे कुछ अलग सा अनुभव होता होगा लेकिन आज इस पोस्ट के जरिये आपको गर्व महसूस होगा इन डकैत स्वरूपसिंह भाटी के बारे में सुनकर । यह कहानी 90 के दशक की हैं यह कहानी हैं राजस्थान की राजपूत रियासत जैसलमेर की जँहा के लोगो को "उत्तर भाड़ …

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राजपूताना राइफल्स का गौरवशाली इतिहास व रोचक तथ्य

यह भारतीय सेना का एक इंफैंट्री रेजिमेंट है| इसका केंद्र दिल्ली छावनी है | राजपूताना राइफल्स का युद्धघोष: राइफल्स का युद्धघोष है, “राजा रामचन्द्र की जय” राजपूताना राइफल्स का आदर्श और सिद्धांत वाक्य “वीर भोग्या वसुंधरा” है, जिसका अर्थ है कि ‘केवल वीर और शक्तिशाली लोग ही इस धरती का उपभोग कर सकते हैं।’ राजपूताना …

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